मोहालीः जिले में पुलिस द्वारा लगातार क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं आज पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ होने की घटना सामने आई है। जहां पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी को घायल कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में पुलिस ने गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी मंडी गोबिंदगढ़ फतेहगढ़ साहिब को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है।
दरअसल, मोहाली के गांव चप्पड़ चिड़ी नजदीक सीआईए स्टाफ की टीम की बदमाश के साथ मुठभेड़ हो गई। बताया जा रहा हैकि आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की और आरोपी की बाई टांग में गोली लगी। आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर से 2 करोड़ की फिरौती की मांग करते हुए डीलर के दफ्तर में फायरिंग की थी। घायल आरोपी को उपचार के लिए फेज-6 के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
आरोपी का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा बताया जा रहा है। एसपी (डी) सौरभ जिंदल ने बताया कि 10 जुलाई को मोहाली के एयरोसिटी इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर को फिरौती के लिए कॉल आई थी और उसके ऑफिस के बाहर फायरिंग भी की गई थी। मामले की जांच के लिए एसएसपी मोहाली के निर्देश पर सीआईए समेत कई टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने कल बीकेआई के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन तीनों ने गुरप्रीत गोपी का नाम उजागर किया। इसी कड़ी में जब पुलिस आज गुरप्रीत को पकड़ने पहुंची तो वह बाइक पर सवार था और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें उसकी टांग में गोली लग गई।
इसके बाद वह बाइक से गिर पड़ा और पुलिस ने उसे मौके पर दबोच लिया। आरोपी को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अब तक इस गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर रिंदा के इशारे पर काम कर रहे थे। इनका नाम थानों और अन्य सरकारी इमारतों पर हुए ग्रेनेड हमलों में भी सामने आया है, हालांकि गुरप्रीत गोपी की भूमिका की अभी जांच की जा रही है। गुरप्रीत सिंह गोपी पर पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें फिरौती और फायरिंग की घटनाएं शामिल हैं। वह पहले भी जेल की सजा काट चुका है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।