मोगाः अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट पर थाने से करीब 150 मीटर की दूरी पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को युवक द्वारा तोड़ने की कोशिश की गई। इस मामले मे लोगों ने आरोपी आकाश को काबू करके पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी दलित परिवार से है और मोगा का रहने वाला है। वहीं इस घटना को लेकर धर्मकोट में रहने वाले आरोपी आकाश की माता मीडिया के सामने आई। इस घटना को लेकर जहां मां का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है, वहीं आरोपी की माता ने कहा कि उसे बेटे द्वारा घटना के बारे में कुछ नहीं पता।
वह लोगों के घरों में काम करने के लिए गई थी। इस दौरान गांव वासियों से घटना के बारे में पता चला है। माता ने कहा कि वह 20 साल से इलाके में रह रही है। माता का कहना है कि उसके चार बच्चे है। आकाश ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और आकाश 3 साल पहले दुबई में लेबर का काम करने के लिए गया। माता ने कहा कि 24 वर्षीय आकाश की अभी शादी नहीं हुई है। उसका किसी जत्थेबंदी के साथ कोई लेना देना नहीं है। माता ने कहा कि दुबई जाने के दौरान आकाश ने केस रखे थे। आकाश को दुबई से लौटे 3 महीने हो गए और उसका घर से कोई लेना देना नहीं है।
जब से दुबई से लौटा है तभी से वह अमृतसर में कहीं किराये पर रहता है। उसके दुबई से लौटने का भी आसपास के लोगों से पता चला था। इस घटना को लेकर माता ने कहा कि उसके बेटे द्वारा की गई घटना निंदनीय है। इस घटना के बाद पुलिस भी आकाश के घर पहुंची, जहां परिजनों और इलाका निवासियों के बयान दर्ज किए गए। वहीं घटना की जानकारी देते हुए हरप्रीत सिंह ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर की गई घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि दुबई जाने के बाद उसने परिवार से नाता तोड़ दिया है।
3 माह पहले दुबई से लौटने के बाद पता चला कि वह अमृतसर में किराये के मकान पर रहने लग गया। उन्होंने कहा कि माता-पिता मजदूर करते है। वहीं आकाश की बहन का तालाक हो चुका है और वह बहन मस्कट नौकरी के लिए गई हुई है। जबकि 2 छोटे भाई पढ़ाई कर रहे है। उन्होंने कहा कि यहां पर तो वह मोना ही था, लेकिन अब देखा कि उसने दस्तार रखी हुई है। उन्होंने कहा कि जब आकाश गांव में रहता था तो वह यहां पर लड़कियों की तरह रहता है, ऐसे में वह खुद हैरान है कि उसने इस घटना को अंजाम दिया है।