अमृतसरः विधानसभा क्षेत्र मजीठा के तहसील परिसर में आज उस समय भगदड़ मच गई, जब पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने के आखिरी दिन लोग अपना नामांकन पत्र दाखिल करने आए थे। इस दौरान प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था न किए जाने के कारण भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि नामांकन पत्र भरने के लिए महिलाएं भी पहुंचीं थी, जिन्हें पुरुषों की कतार में खड़ा होना पड़ा। वहां पर लोगों द्वारा आरोप लगाए कि महिलाओं के लिए अलग लाइन नहीं बनाई गई। जिसके चलते वहां पर भगदड़ दौरान कई लोगों के कपड़े फट गए।
वहीं मामले की सूचना मिलने पर अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया भी तहसील परिसर पहुंचे। जिसके बाद परिसर में मौजूद लोगों ने मजीठिया को समस्याएं सुनीं। जिसके बाद मजीठिया ने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। प्रशासन द्वारा कोई उचित व्यवस्था नहीं किए जाने से विक्रम मजीठिया और उनके कार्यकर्ता भी काफी नाराज थे। उन्होंने कहा कि आम आप पार्टी ने पंचायत चुनाव में लोगों के लिए काफी मुश्किलें खड़ी की हैं। मजीठिया ने कहा कि न तो लोगों को चूल्हा टैक्स की रसीद मिल रही है और न ही एनओसी रसीद दी जा रही है।
मजीठिया ने इस मामले को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खराब प्रबंधों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सरकार ने लोगों को परेशान कर नामांकन दाखिल करने से रोकने की साजिश रची है। बिक्रम मजीठिया ने मुख्यमंत्री के पंचायत चुनाव पारदर्शी तरीके से कराने के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी दफ्तरों में बैठकर बयानबाजी करने वाले भगवंत मान को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है। वहीं नामजदगी पत्र भरने आए लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए।
मजीठिया ने कहाकि लोगों की हालत इतनी खराब हो गई है कि वहां पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां तक पंखे या बिजली की भी व्यवस्था नहीं है, लोग गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि फार्म भरने आई महिलाओं को धक्का दिया जा रहा है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं। उन्होंने महिलाओं के लिए अलग से लाइन स्थापित करने की अपील की है, ताकि महिलाओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के सारे दावे फेल साबित हो रहे हैं, प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
