मोगाः सोशल मीडिया के माध्यम से चर्चा में आए मोगा के गांव दुन्नेके की 19 वर्षीय ‘रैपर’ परम की किस्मत चमक गई। परम की किस्मत चलने के बाद परिवार बहुत खुश हैं। सारी उम्र गरीबी में काटने के बाद अब उन्हें उम्मीद जागी है कि अब उनके भी दिन बदलेंगे। परम के घर की हालत बहुत खस्ता है व वह अपने माता पिता के साथ एक दो कमरों के छोटे से घर में रहती है, जिसमें से एक कमरा अभी कच्चा ही है। परम के पिता मजदूरी व उसकी माता घरों में सफाई का काम करती है। परम कुल 4 भाई बहन हैं।
परम की बड़ी बहन की फरीदकोट शादी हो चुकी है। तीनों कुंवारे भाई बहनों में परम सबसे बड़ी है। परम से छोटा भाई फरीदकोट में अपनी बड़ी बहन के पास 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है, जबकि सबसे छोटा भाई दुन्नेके गांव में ही 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। फिलहाल परम के इस शौंक के चलते किस्मत चमकने से घरवालों की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं है। मीडिया के रूबरू परम के छोटे भाई वीर सिंह ने बताया कि वे लोग कुल 4 भाई बहन हैं व परम ऊपर से दूसरे नंबर पर आती है। खुशी जाहिर करते हुए वीर सिंह ने बताया कि बीकॉम की छात्रा परम को छोटे होते से ही गाना गाने का शौक था व वह अपने दोस्तों के साथ गाना गाया करती थी।
वह गाने को रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर वायरल करती रहती थी। सोशल मीडिया पर वायरल उसके गानों के चलते ही उसे मुंबई बुलाकर गाना गवाया गया। इसके बाद अब वह चंडीगढ़ में काम कर रही है। परम के भाई वीर सिंह ने बताया कि उनके पिता मजदूरी का काम करते हैं, जबकि उसकी माता घरों का काम करती है। वीर सिंह ने उम्मीद जताई कि अब परम के मशहूर होने से उनके भी दिन बदल जाएंगे। इधर परम के ताया के पुत्र कालू ने भी बताया कि परम बचपन से ही बहुत खुशमिजाज स्वभाव की स्वामी है।
परम को गाने सुनने व गाना गाने का बहुत शौक था। उन्होंने बताया कि परम अपने दोस्तों के साथ एक ग्रुप बनाकर अक्सर गाने गाया करते थे। कालू ने उम्मीद जताई कि अब उसके चाचा की बेटी परम ऊंचाइयों को छूएगी। परम के चाचा के पुत्र कालू ने बताया कि परम अक्सर ही सिद्धू मूसेवाला के गानों पर रैप करती थी, लेकिन गानों में अंग्रेजी भाषा के इस्तेमाल के चलते उसे गाने समझ नहीं आते थे। कालू ने बताया कि परम व उसके परिवार ने बहुत गरीबी देखी है, वे लोग बहुत ही ज्यादा गरीबी में रहे हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब परम परिवार को आगे लेकर जाएगी व उनके दिन भी बदलेंगे।