होशियारपुरः पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर श्रद्धालुओं और आम लोगों से वसूली जा रही भारी ‘पर्ची’ (टोल टैक्स) का मामला अब गरमा गया है। इस संदर्भ में पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और होशियारपुर से विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा ने कड़ा विरोध जताते हुए हिमाचल सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू को पत्र लिखेंगे और उनसे संपर्क करने का उन्होंने आश्वासन दिया है।
यह उल्लेखनीय है कि पंजाब से बड़ी संख्या में लोग हिमाचल प्रदेश के धार्मिक स्थलों (नौ देवियां) के दर्शन के लिए जाते हैं। पिछले कुछ समय से सीमा पर लगाई गई भारी परची के कारण श्रद्धालुओं को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यह वसूली अनुचित है और इसका धार्मिक यात्रा-पर्यटन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश एक ‘देव भूमि’ है और वहां दुनिया भर से लोग आस्था के साथ आते हैं।
दलाई लामा जैसी महान शख़्सियतें भी वहां विराजमान हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से इतनी भारी परची वसूलना जायज़ नहीं है। उन्होंने कहा कि आज ही वह हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को इस संबंध में ई-मेल के जरिए पत्र भेजेंगे। जब उनसे पूछा गया कि हिमाचल के लोग पंजाब में व्यापार के लिए आते हैं पर पंजाब की ओर से ऐसी कोई परची नहीं लगाई जाती, तो जिंपा ने कहा कि पंजाब, हिमाचल और हरियाणा एक ही परिवार के हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि वे पड़ोसी राज्य होने के नाते हिमाचल सरकार से अपील करेंगे कि इन टैक्सों को वाजिब बनाया जाए ताकि लोगों की असुविधा खत्म हो सके।
