अमृतसरः एक तरफ जहां लोगों में देश छोड़कर विदेशों की धरती पर जाने की होड़ में मची है, वहीं दूसरी तरफ विदेश की धरती पर अमेरिका जैसे देश से करोड़ों रुपए की तनख्वाह और सुख-सुविधाओं को छोड़कर एक गुरु-सिख जोड़ा पंजाब लौट आया है। पंजाब लौटने का मुख्य कारण यहां के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ आने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में मजबूत बनाना है। सिख जोड़े की ओर से पंजाब के बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मुफ्त शिक्षा देने का एलान किया गया है।
श्री अकाल तख्त समिति के बुलारे गुरचरण सिंह गरेवाल ने बताया कि यह गुरु सिख जोड़ा डॉ. संदीप सिंह संघा और इंदरजीत कौर अमेरिका से करोड़ों रुपए की तनख्वाह और सुख-सुविधाओं को छोड़कर पंजाब की धरती पर लौटा है। डॉ. संदीप सिंह संघा और उनकी धर्मपत्नी इंदरजीत कौर की और से जो फैसला लिया गया है वह बहुत ही सरहानीय है। इस जोड़े द्वारा निभाई जा रही सेवाएं अपने आप में अनोखी मिसाल हैं। सिख जोड़े ने अपने पुश्तैनी गांव में रहने का मन बनाया है, जिसके चलते आज श्री अकाल तख्त समिति द्वारा सम्मानित किया गया है। अब ये आईटी हब दिल्ली, बेंगलुरु, नोएडा जैसे शहरों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे और श्री अकाल तख्त समिति के विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने की जो बात कही है, वह काबिल-ए-तारीफ है।