पूर्व जत्थेदार हरप्रीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिए निर्देश
अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की अंतरिक समिति की महत्वपूर्ण बैठक के बाद एसजीपीसी अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई बड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अंतरिक समिति ने दिल्ली सरकार द्वारा प्रोफेसर द्विंदर पाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका को पुनः खारिज करने के फैसले की कड़ी निंदा की है। एसजीपीसी ने आरोप लगाया कि अब बीजेपी सरकार दोहरे रवैये पर चल रही है, जो सिख समुदाय के साथ अन्याय है।
अध्यक्ष ने कहा कि लंबे समय से भाई बलवंत सिंह राजोआणा, भाई जगतार सिंह हवारा और भाई अवतार सिंह तारा जैसे बंदी सिखों ने अपनी सज़ाएं भुगती हैं, लेकिन सरकारों की ओर से उनकी रिहाई के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी के साथ एसजीपीसी की अंतरिक समिति ने गुरबाणी के गलत उपयोग और AI से जुड़े चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गुरबाणी तथा सिख स्रोतों का आधिकारिक डेटा बैंक तैयार करने, AI कंपनियों से सम्पर्क करने और एसजीपीसी के स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता सेमिनार करवाने का निर्णय लिया।
सबसे अहम फैसले के तहत, सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एसजीपीसी पर बिना ठोस सबूतों के लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए, उन्हें 72 घंटे के अंदर लिखित सबूत प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय में जवाब न आने पर आगे की कार्रवाई की मंजूरी भी दे दी गई है। इसके अलावा, पूर्व सिख साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह से जुड़े मामलों और अंब साहिब गुरुद्वारा प्रॉपर्टी के बारे में गलत बयानों पर भी मानहानि कार्रवाई के लिए संबंधित मैनेजरों को अधिकार दिए गए हैं।