पठानकोटः सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली बम धमाकों और हरियाणा के अल फलाह विश्वविद्यालय में आतंकी डॉक्टर मॉड्यूल मामले की जांच कर रही हैं। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए पठानकोट व्हाइट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टर को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
पठानकोट पहुंचने पर डॉ. रईस अहमद भट्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वह अल फलाह विश्वविद्यालय में यूनिट हेड और वार्डन भी थे, जहां उन्होंने 4 साल पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया था। उन्होंने 2022 में यह नौकरी छोड़ दी और फिर कुछ महीने दिल्ली में रहे।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, वे उनसे काफी जूनियर थे और दूसरे विभाग से संबंधित थे। अस्पताल में कई डॉक्टर हैं और मरीजों की जांच के दौरान आपस में तालमेल बिठाना जरूरी है, ताकि वे एक-दूसरे से परिचित रहें। डॉ. भट्ट ने बताया कि एजेंसी सुराग तलाश रही है। उनसे जो भी सवाल पूछे गए, उनके सही जवाब दिए गए। देश की सुरक्षा के लिए जो भी पूछताछ जरूरी है, वो की गई। कश्मीर में भी इस मामले में लगभग 3000 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। जब उन्होंने सभी सवालों के सही जवाब दिए, तो उन्हें वापस भेज दिया गया।
