पठानकोटः राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया था कि पंजाब में अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी और लोगों को हर साल अपने बच्चों का एडमिशन दोबारा नई सीरीज में नहीं करवाना पड़ेगा और लोग अपनी पसंद की किसी भी दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीद सकेंगे, लेकिन अगर इस मौके की बात करें तो हमें इसका उल्टा देखने को मिलता है।
आज भी प्राइवेट स्कूलों की लूट उसी तरह जारी है और पहले की तरह ही स्कूल की तरफ से बच्चों के पेरेंट्स को कहीं से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में लोगों में गुस्सा है। इस मौके पर लोगों ने मांग की है कि प्राइवेट स्कूलों की यह लूट बंद होनी चाहिए। जब इस बारे में लोगों से बात की गई तो लोगों ने साफ कहा कि प्राइवेट स्कूलों को एडमिनिस्ट्रेशन से डरना चाहिए।
हर साल स्कूल बच्चों से नए सिरे से एडमिशन फीस ले रहे हैं और किताबें, कॉपी के साथ-साथ यूनिफॉर्म भी एक ही जगह से लेने का दबाव बनाया जा रहा है। डिपार्टमेंट के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। वहीं दूसरी ओर मामले को लेकर डिपार्टमेंट के अधिकारियों की बात करें तो वह ऐसे स्कूलों के खिलाफ एक्शन लेने की बात कर हे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।