अमृतसरः पूरे देश में दिवाली और बंदी छोड़ दिवस धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस पवित्र अवसर पर सचखंड श्री दरबार साहिब अमृतसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। हजारों की संख्या में संगत ने सचखंड श्री दरबार साहिब पहुंचकर माथा टेका और सरोवर में स्नान किया। दिवाली और बंदी छोड़ दिवस दोनों दिन सिख इतिहास से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस दिन सिखों के 6वें गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ग्वालियर किले से 52 राजाओं को आजाद कराकर अमृतसर लौटे थे। इसलिए इस दिन को ‘बंदी छोड़ दिवस’ के नाम से जाना जाता है।
सचखंड श्री दरबार साहिब में आज विशेष श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। संगत ने कहा कि आज का दिन बहुत पवित्र है, क्योंकि यह सिर्फ उजाले का त्यौहार नहीं है, बल्कि गुरु साहिब की बलिदानी और सेवा भावना को याद करने का अवसर भी है। श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने संगत को बंदी छोड़ दिवस की बधाइयां देते इस पवित्र दिवस का इतिहास भी साझा किया। शाम को श्री दरबार साहिब में सुंदर आतिशबाजी और दीपमाला होगी।
