30 से अधिक गांव प्रभावित, रामदास से टूटा संपर्क
अमृतसरः अजनाला क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। रावी नदी का पानी आज सुबह गग्गोमाल गांव तक पहुंच गया, जिससे पूरे इलाके के लोगों में भय का माहौल पाया जा रहा है। गग्गोमाल सहित 30 से अधिक गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी गांवों के घरों और खेतों में घुस चुका है। कई परिवार अपने पशुओं और जरूरी सामान सहित ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं, जबकि कुछ लोग बिना कुछ लिए ही घर छोड़ने को विवश हैं।
हालत इतने खराब हैं कि गांवों की गलियां पूरी तरह पानी के नीचे आ गई हैं। इस बाढ़ का सबसे बड़ा असर आवागमन पर पड़ा है। अमृतसर–अजनाला–डेरा बाबा नानक राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह डूब जाने के कारण अमृतसर का रामदास से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। यह सड़क लोगों के लिए मुख्य मार्ग था, पर अब इसके बंद होने से गांववासियों को बड़ी कठिनाई हो रही है। राहत सामग्री की सप्लाई रुक गई है और बचाव टीमों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इलाके में कई संगठनों द्वारा राशन और अन्य सहायता पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन कई ट्रैक्टर पानी में ही फंस गए।
इस वजह से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में देरी हो रही है। दूसरी ओर, जिन परिवारों के रिश्तेदार अभी भी गांवों के अंदर फंसे हुए हैं, वे गग्गोमाल गांव के पास इकट्ठे होकर उनका इंतजार कर रहे हैं। कईयों ने बताया कि वे दो दिनों से अपने घर वालों से संपर्क नहीं कर पाए हैं। इस बाढ़ से खेती-बाड़ी को भी भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी के नीचे आ गई हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह ठप्प हो गई है। इस दौरान आम आदमी पार्टी के लोकसभा क्षेत्र इंचार्ज जसकरण सिंह भी प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांवों का दौरा कर वे हाई कमान को रिपोर्ट भेज रहे हैं और हर संभव मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि पार्टी और सरकार दोनों की ओर से राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है।
