अमृतसरः पिछले 2 महीनों से राजा किंग नाम का एक युवक अमृतसर की सड़कों पर नोटों का लंगर लगा रहा है और मंदिरों, गुरुद्वारों और दरगाहों में जाकर जय माता दी के नारे लगा रहा है। लेकिन अब हिंदू समाज में उसके खिलाफ गहरा विरोध शुरू हो गया है। आरोप है कि नोटों के लंगर के साथ-साथ उसने कई जगहों पर अपवित्रता की घटनाओं को भी अंजाम दिया है।
अश्नील महाराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लंगर लगाना गलत नहीं है, लेकिन जब इसके साथ हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाकर गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें राजा किंग ने ब्रह्मा, विष्णु और महेश देवताओं के बारे में अपमानजनक शब्द कहे हैं।
महाराज ने आरोप लगाया कि जन्माष्टमी के अवसर पर इस व्यक्ति ने मंदिर में बहते दूध पर फूंक मारकर बेअदबी की। इसके अलावा, उसने विभिन्न मंदिरों में पंडितों से प्राप्त सरोपे दूसरों के गले में डालने, गोलक पर प्रसाद रखने और पंडितों के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देने जैसे कृत्य भी किए हैं।
इसी तरह, शीतला माता मंदिर में मिले पवित्र जल को फेंकने और संतों को जबरन आशीर्वाद देने के भी आरोप लगे हैं। महाराज ने कहा कि ये सभी कृत्य सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमृतसर पुलिस कमिश्नर को एक शिकायत सौंपी गई है और राजा महाराज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। यह व्यक्ति दान नहीं कर रहा है, बल्कि नाटक करके अपना प्रचार कर रहा है।
