बरनालाः जिले की अनाज मंडी में आयोजित कांग्रेस की “मनरेगा मजदूर किसान बचाओ” रैली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई दिग्गज नेता पहुंचे। इस दौरान रैली में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, डॉ. राजकुमार वेरका, बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैरा, बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, डॉक्टर धर्मवीर गांधी, गुरजीत सिंह औजला, पूर्व मंत्री व कांग्रेसी विधायक राणा गुरजीत सिंह समेत कई सीनियर लीडर भी माैजूद रहे।
रैली में राहुल गांधी ने केंद्र पर जमकर निशाने साधे। राहुल गांधी ने रैली में पंजाब कांग्रेस को एकता का पाठ पढ़ाया। नेताओं को हिदायत देते हुए राहुल ने कहा कि टीम प्लेयर बनो नहीं तो रिजर्व में बिठा दिए जाओगे। उन्होंने स्पष्ट ताैर पर कहा कि काम टीमवर्क से होता है। एक प्लेयर मैच नहीं जितवा सकता। कोई भी लीडर पार्टी से बड़ा नहीं है। हमारे वर्कर हमारी शक्ति हैं। राहुल गांधी ने जैसे ही मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिया, पंडाल में जोरदार शोर गूंज उठा।
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राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन में युद्ध चल रहा है, गाजा में संघर्ष हो रहा है और वैश्विक स्तर पर अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में सबसे बड़ी ताकत डेटा है।पिछली सदी को उन्होंने तेल की सदी बताया, जब सऊदी अरब, अमेरिका, रूस और ईरान जैसे देशों के पास तेल होने के कारण वैश्विक प्रभाव था। अब समय बदल चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डिजिटल तकनीक के लिए बड़े पैमाने पर डेटा की जरूरत होती है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसे देश के पास करोड़ों लोगों का डेटा है, जो एक बड़ी पूंजी है।
जब लोग मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप का उपयोग करते हैं, तो उससे बनने वाला डेटा देश की संपत्ति है। उनका कहना था कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में देश के डेटा और डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की एक व्यापारिक डील में डेटा से जुड़े प्रावधानों पर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं दिखाई गई और विदेशी कंपनियों को टैक्स में राहत देने जैसे फैसले किए गए। अपने भाषण में राहुल गांधी ने यह भी दोहराया कि देश की नींव किसान और मजदूर हैं।
खाद्य सुरक्षा के बिना मजबूत राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती। हरित क्रांति में पंजाब के किसानों और मजदूरों की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठाए, जिनमें सीमा पर हालात और सैन्य नेतृत्व के अनुभवों का उल्लेख शामिल था। उनका कहना था कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट नीति और जवाबदेही आवश्यक है। अंत में राहुल ने पार्टी के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि टीम के मजबूत प्लेयर बनो नहीं तो बाहर बैठा दिए जाओगे। कांग्रेस की शक्ति कार्यकर्ता है, कोई नेता नहीं।