चंडीगढ़ः पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने अपने अधीन आने वाले प्राइवेट और एसोसिएटेड स्कूलों के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है। बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे एंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट को गंभीरता से न लेने पर कई स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। ज्यादातर स्कूल प्रिंसिपलों ने प्रोजेक्ट के तहत अपने बिजनेस आइडिया विभाग को नहीं भेजे। ऐसे में बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर इंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के तहत तय समय सीमा में बिजनेस आइडिया जमा नहीं किए गए, तो संबंधित स्कूलों के छात्रों के बोर्ड परीक्षा परिणाम रोके जा सकते हैं। विभाग ने कहा कि, 11वीं और 12वीं कक्षा का परिणाण रोका जा सकता है।

दरअसल, बोर्ड को शिकायत मिली थी कि बड़ी संख्या में स्कूल प्रिंसिपलों ने अब तक अपने स्कूल की ओर से बिज़नेस आइडिया सबमिट नहीं किए हैं, जबकि यह प्रोजेक्ट छात्रों में उद्यमिता और बिज़नेस स्किल्स विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एफिलिएटेड व एसोसिएटेड स्कूल प्रिंसिपलों को कहा है कि 9 फरवरी 2026 तक सभी स्कूल प्रिंसिपल्स स्टूडेंट्स से बिजनेस आइडिया बोर्ड को भेज दें।
बोर्ड ने तकनीकी सुविधा के लिए एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे व्हाट्सएप नंबर +91 9513477756 पर संदेश भेजकर खुद को रजिस्टर करें। प्रत्येक संस्थान के लिए कम से कम एक आइडिया सबमिट करना अनिवार्य है। स्कूल प्रिंसिपलों को ऑनलाइन ही सारी जानकारी देनी होगी। पंजाब सरकार और शिक्षा बोर्ड का मुख्य उद्देश्य छात्रों में इंटरप्रेन्योर यानी बिजनेस माइंडसेट विकसित करना है। बोर्ड का मानना है कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु इस प्रोजेक्ट में उनकी भागीदारी अनिवार्य है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपलों को नोटिस में स्पष्ट कहा है कि स्कूलों की लापरवाही का सीधा असर स्टूडेंट्स के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा, इसलिए इसे ‘अति जरूरी’ श्रेणी में रखा गया है। नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर केवल रिजल्ट रोकने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। बोर्ड ने संकेत दिया है कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
