लुधियानाः कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। हाल ही में ईडी की टीम ने कांग्रेस सरकार के समय हुए घोटाले के मामले में आशु को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आशु सहित 31 लोगों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले में केस दर्ज है। इस केस में अब ED प्रवर्तन निदेशालय ने टेंडर घोटाले में धन शोधन निवारण (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 26.09.2029 को विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत PC (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की है। विशेष न्यायालय ने 19 अक्टूबर को पीसी का संज्ञान लिया है।
ED ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग में ‘टेंडर घोटाले’ से संबंधित आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत सतर्कता ब्यूरो, पंजाब द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। सूत्रों मुताबिक पता चला है कि अब ED जल्द ही इंप्रूवमेंट ट्रस्ट स्केम पर भी खुलासा हो सकता है। ED की जांच में पता चला है कि पंजाब सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तत्कालीन मंत्री भारत भूषण आशु ने टेंडर आवंटन में चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया और उन्हें अधिक लाभ का वादा किया, जिसके लिए उन्होंने राजदीप सिंह नागरा, राकेश कुमार सिंगला और पंजाब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कुछ सरकारी अधिकारियों सहित अन्य व्यक्तियों के माध्यम से उनसे रिश्वत ली। रिश्वत के पैसे को फर्जी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से चल और अचल संपत्तियां खरीदने के लिए आगे बढ़ाया गया।
इससे पहले, ED ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में 28 स्थानों पर 24 अगस्त 2023 और 4 सितंबर 2024 को दो तलाशी ली थीं। इसके अलावा, जांच के दौरान, भारत भूषण शर्मा उर्फ आशु और उनके करीबी सहयोगी राजदीप सिंह नागरा को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में क्रमशः 1 अगस्त और 4 सितंबर 2024 को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया और दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ED ने अस्थायी रूप से 22.8 करोड़ रुपये (लगभग) मूल्य की संपत्तियां कुर्क की थीं, जिनमें लुधियाना, मोहाली, खन्ना और पंजाब के अन्य हिस्सों में स्थित अचल संपत्तियां और एफडीआर, स्वर्ण आभूषण, बुलियन और बैंक खातों के रूप में चल संपत्तियां शामिल हैं।