अमृतसरः कांग्रेस के सीनियर नेता व विधायक प्रताप सिंह बाजवा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। दरअसल, कैबिनेट मंत्री ईटीओ हरभजन सिंह और उनके पारिवारिक व्यवसाय के संबंध में गलत शब्दावली इस्तेमाल करने के मामले में आज आप मंत्रियों द्वारा उनके घर का घेराव करने की कोशिश की गई थी। हालांकि इस दौरान पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें आगे जाने से रोक लिया गया था। वहीं इस मामले को लेकर पंजाब राज अनुसूचित जाति कमिशन के चेयरमैन ने एक्शन लिया है।

एससी कमिशन के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने दूसरी बार प्रताप बाजवा को तलब किया गया है। ऐसे में जारी आदेशों के अनुसार एससी कमिशन की ओर से बाजवा को 11 फरवरी को दोपहर 3 बजे पेश होने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि तलब किए जाने के बावजूद पेश ना होने पर पंजाब राज अनुसूचित जाति का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर इस मामले में संबंधित अमृतस देहात के एसएसपी से भी कानूनी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। जिसमें कहा गया है कि वह दोपहर 3 बजे इस मामले संबंधी रिपोर्ट लेकर पंजाब राज अनुसूचित दफ्तर में पेश हो।
दूसरी ओर इस मामले को लेकर प्रताप ने निजी चैनल को कहाकि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी भी व्यक्ति या वर्ग का अपमान करने वाली कोई बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि माफ़ी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जब गलत बात ही नहीं हुई तो माफी किस बात की। एफआईआर दर्ज करने की धमकी पर टिप्पणी करते हुए बाजवा ने कहा कि सरकार का सिर्फ एक साल बचा है, फिर लोगों की बारी होगी। उन्होंने बताया कि जब यह बयान दिया गया उस समय मंच पर पार्टी के दलित नेता मौजूद थे और डिप्टी लीडर ऑफ विपक्षी दल अरुणा चौधरी भी वहां मौजूद थीं।
