मोहालीः PR-7 एयरपोर्ट रोड स्थित सुषमा जॉइनेस्ट एमओएच-1 सोसायटी में बिजली संकट ने अब बड़ा रूप ले लिया है। बताया जा रहा है कि सोसायटी का बिजली विभाग में 22 लाख रुपए पेंडिंग है। लोगों का कहना है कि उन्होंने बिल्डर को पैसे अदा कर दिए है, लेकिन बिल्डर द्वारा पैसे अदा नहीं किए, इसमें उनका क्या दोष है। इस मामले को लेकर बिजली गुल होने के बाद निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 1500 लोग सड़क पर उतर आए और PR-7 रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिल्डर और संबंधित फ्रेंचाइजी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सड़क के दोनों ओर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
दरअसल, मोहाली लोक अदालत ने 1 दिन पहले ही पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को 48 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए थे। इस पूरे मामले पर पीएसपीसीएल के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर अमनदीप सिंह का कहना है, “माननीय अदालत द्वारा फिलहाल एकतरफा फैसला दिया गया है, जिसकी वह अपील करेंगे। निर्माता और उपभोक्ता के बीच एग्रीमेंट हुआ है। यदि निर्माता द्वारा लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करवाई जाती, तो वह बिजली जरूर देंगे और कानून के मुताबिक ही आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।” इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और उनके फोन तक नहीं उठाए जा रहे। वहीं बिजली कटौती के कारण सोसायटी में लिफ्ट बंद है और पानी की सप्लाई भी ठप्प पड़ी है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन देर शाम तक जाम पूरी तरह नहीं खुल पाया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होनी है।