जालंधर, ENS: पंजाब में नव वर्ष की शुरुआत हो गई है। वहीं 2026 आते ही विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गलियारे में भी हलचल तेज हो गई है। दूसरी ओर 31 दिसंबर की रात को SC-ST आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि दलितों को अब नए साल पर सोचना होगा कि उनका कौन है। पंजाब में उनकी लड़ाई विधानसभा में लड़ने वाला कौन होगा, ये आपको 2027 में तय करना होगा। आपको याद रखना होगा कि आपकी लड़ाई लड़ने वाला कोई नहीं है। जसबीर गढ़ी के जात-पात वाले बयान को लेकर राजनीति गरमा गई है।
एससीएसटी आयोग पंजाब के चेयरमैन ने खुरालगढ़ में समाज के समागम में कहा कि आप लोग आंखें बंद कर देख लो कौन है जो विधानसभा और लोकसभा में आपकी आवाज उठा सके। ये भी देखें कि पंजाब की धरती पर आपके साथ कौन है। 100 साल से हमारे साथ बुरा बर्ताव हुआ है। हमारे अनपढ़ बुजुर्गों को पीछे रखा गया। हम लोगों को गंदा पानी पिलाया गया। जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा कि 100 साल पहले चले जाएं तो पता चलेगा कि हमारे बुजुर्गों को साइकिल से ऊपर नहीं बढ़ने दिया गया। हमारे बुजुर्गों को अनपढ़ रखा।
हमारी कौम को आगे नहीं आना दिया। अगर कोई खड़ा भी हुआ तो उसके आगे और ताकतवर को खड़ा कर दिया जाता है। अब आपको फैसला करना होगा कि पंजाब की धरती पर आपको लीड करने वाला कौन होगा। गढ़ी ने कहा कि हमारे बुजुर्गों को छप्पड़ों का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा। पंजाब में कुआँ तक नहीं होता था। जो होते थे वो किसी और के कब्जे में होते थे। अब नए साल में पंजाब के किसी भी पिछड़े और दलित पर जुर्म नहीं होने दिया जाएगा।
एससीएसटी आयोग के चेयरमैन ने कहा कि नए साल में पंजाब में आपको नई फौज खड़ी करनी होगी। आपको इस तरह से रहना होगा जैसे मधुमक्खियां छत्ते में रहती हैं और शहद की रक्षा करती हैं। इसलिए आपको आने वाले समय में पंजाब की मुधमक्खियां बनना होगा। आपको सोचना होगा कि आपकी रहनुमाई कौन करेगा। आपकी आवाज को विधानसभा और लोकसभा में कौन उठाएगा।
