लुधियानाः शहर में पूर्व सैनिक से रंगदारी और उसके घर फायरिंग मामले में कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी के बाद अब अमित डागर को पुलिस जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। स्पेशल सेल के अधिकारी अब अमित डागर से पूछताछ करेंगे। अमित डागर के बाद अधिकारी उसके अन्य गैंग के सदस्यों से भी पूछताछ करने की तैयारी में हैं।
इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस कुछ दिन पहले कौशल चौधरी को गुरुग्राम जेल से लाई थी। कौशल चौधरी ने इस मामले में कहा था कि उनका इसमें कोई हाथ नहीं है। विदेश में बैठे कुछ गैंगस्टर वारदात करवा रहे हैं और इसमें उसके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस की नजर जेल में बंद कई गैंगस्टरों पर है, लेकिन पुलिस अभी कौशल के भरोसेमंद डागर को लाई है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि सलाखों के पीछे होने के बावजूद कौशल चौधरी अपने सहयोगियों और यहां तक कि परिवार के सदस्यों के माध्यम से रंगदारी की गतिविधियों को चलाता है। सूत्रों के मुताबिक अमित डागर कौशल चौधरी के सबसे भरोसेमंद सहायकों में से एक के रूप में जाना जाता है।
सेवानिवृत्त नायब सूबेदार के घर फायरिंग को लेकर हो रही पूछताछ
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 19 अक्टूबर रविवार तड़के गांव बेगोआना में सेवानिवृत्त नायब सूबेदार नंद लाल यादव के घर को बाइक सवार 2 बदमाशों ने निशाना बनाया। सुबह करीब 3 बजे, बाइक सवार हमलावरों ने उनके आवास पर 15 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाईं थीं। इससे दीवार और बालकनी के कांच के पैनल क्षतिग्रस्त हो गए।फायरिंग के समय यादव अपने रिश्तेदार के साथ घर के अंदर थे, जो बाल-बाल बच गए। पुलिस ने तभी से उनके आवास पर सुरक्षा प्रदान की हुई है। लोहारा पुल की ओर भागने से पहले हमलावर ने पर्ची घर के बाहर फेंक दी। इसमें 5 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी और इस पर कौशल चौधरी ग्रुप का नाम लिखा था। माना जा रहा है यह फायरिंग का मकसद फिरौती के लिए धमकाना ही था।