कई प्रवासी मजदूरों के घरों पर लटकते मिले ताले
नाभाः गांव चहल में पंचायत ने गांव से किराए पर रह रहे 4 से 5 हजार प्रवासी मजदूरों को निकालने का फरमान सुनाया। पंचायत द्वारा पिछले रविवार को यह आदेश जारी किया गया। गांव में रह रहे कई प्रवासी मजदूर घर छोड़कर भाग गए। गांव के सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं और गांव में अपराध और अन्य वारदातें बढ़ गई हैं। इसलिए यह निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि हम मामले को शांत करवा चुके हैं।
पंचायत द्वारा प्रवासी मजदूरों को इस वजह से निकालने का निर्णय लिया, क्योंकि पंचायत का आरोप है कि गांव में प्रवासी मजदूर हुड़दंगी करते हैं। पंचायत ने 1 अप्रैल तक गांव में मजदूरों को जाने की अनुमति दी थी और कई मजदूर गांव छोड़कर चले गए। इसकी गवाही गांव में लगे मजदूरों के घरों के ताले दे रहे हैं। मामले में गांव के सरपंच और पंचायत ने इस मुद्दे पर कैमरे के सामने आने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन गांव के 2 व्यक्ति आगे आए और कहा कि हम प्रवासी मजदूरों को गांव में रहने नहीं देंगे। कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं कि प्रवासी मजदूरों को न निकाला जाए। पुलिस ने मामले में गांव के पांच व्यक्तियों के खिलाफ आरजी तौर पर 7/51 का मामला दर्ज किया है ताकि गांव का माहौल खराब न हो।
गांव चहल सुखराज सिंह नोनी और गांववासी शमशेर सिंह ने बताया कि पंचायत बनने से पहले हमने कहा था कि हम पंचायत तभी बनवाएंगे जब गांव से प्रवासी मजदूर निकालोगे, अब पंचायत द्वारा पूरे गांव को एकत्रित कर यह फरमान जारी किया गया। बाकी करीब 10 गांवों में भी पंचायत द्वारा यह फरमान जारी किया गया है। लेकिन पुलिस प्रशासन ने हमारे खिलाफ ही मामले दर्ज किए हैं और हमें पुलिस धमका रही है, जिससे पंचायत कैमरे के सामने आने से कतराती है।
