अमृतसरः जिले में गांव अदलीवाल की पंचायत ने गांव में शादी करवाने के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया है। जिसमें कहा गया है कि गांव का लड़का और लड़की आपस में शादी नहीं करवा सकते। इसी के साथ कहा गया है कि अगर, लड़का-लड़की शादी करवाकर गांव से बाहर भाग जाते है तो गांव में पूरे परिवार का बॉयकाट कर दिया जाएगा। यहां तक कि यदि माता-पिता इस शादी के पक्ष में भी हों, तब भी गांव के लोग उनके साथ मेल-मिलाप नहीं करेंगे। उनके सुख-दुख में कोई भागीदारी नहीं होगी और किसी प्रकार का सामाजिक सहयोग नहीं मिलेगा।
साथ ही पंचायत ने तय किया कि गांव के पंच, सरपंच, सदस्य या लंबरदार ऐसे परिवारों की सरकारी या गैर-सरकारी काम में मदद नहीं करेंगे और किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी नहीं करेंगे। यदि कोई लड़का या लड़की अपने परिवार की सहमति के बिना किसी अन्य गांव के व्यक्ति के साथ भागकर शादी करता है, तो उसे गांव में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंचायत का कहना है कि बिना परिवार की सहमति के शादी करने से अक्सर गांव के परिवारों में विवाद और झगड़े बढ़ जाते हैं, जिससे सामाजिक माहौल खराब होता है।
वहीं नशे के खिलाफ भी पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें कहा गया है कि नशे बेचने की मदद करने वालों का भी बॉयकाट किया जाएगा। पंचायत ने प्रस्ताव में कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो गांव का कोई व्यक्ति उसके समर्थन में नहीं जाएगा। कोई उसकी जमानत नहीं कराएगा। यदि कोई उसके पक्ष में जाता है, तो उसे पंचायत और आम सभा के सामने जवाब देना होगा। इसके अलावा पंचायत ने गांव की पारंपरिक प्रथाओं के तहत महंतों के लान के रूप में 1100 रुपये देने और मरासी, भंड व छुरी मार को 500 रुपये देने का भी फैसला लिया है। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य गांव में अनुशासन बनाए रखना और सामाजिक विवादों को कम करना है।