लुधियानाः पंजाब में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि नशे पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। काफी हद तक सरकार ने नशेड़ियों के खिलाफ चलाए अभियान में सफलता हासिल भी की है, लेकिन उसके बावजूद कुछ जगह पर अभी भी नशे के मामले सामने आ रहे है। हद तो तब हो गई जब नशे के आदी लोगों ने सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग को ही नशे का अड्डा बना लिया। दरअसल, कूमकलां स्थित सरकारी अस्पताल की पुरानी इमारत बंद हो चुकी है, जबकि इसके ठीक सामने नई और विशाल इमारत बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
जब पत्रकारों ने कूमकलां अस्पताल की पुरानी इमारत का दौरा किया तो वह नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी थी। क्योंकि इमारत के अंदर जिन कमरों में मरीजों का इलाज किया जाता था, वहां नशेड़ी नशा करके जाते है। सरकारी अस्पताल के इस बेड पर पेपर रोल, लाइटर और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बिखरे हुए मिले, जिन्हें नशे के आदी लोग इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं। इस इमारत के पास शराब और सोडा की खाली बोतलों के अलावा एनर्जी ड्रिंक की भी खाली बोतलें मिली, जो युवा लोग नशा करने के बाद पीते हैं। इस सरकारी भवन का उपयोग लंबे समय से नशेड़ियों द्वारा किया जा रहा है, क्योंकि किसी को शक नहीं होगा कि सरकारी भवन में नशेड़ियों द्वारा नशे का सेवन किया जा रहा है।
सरकारी अस्पताल भवन में नशेड़ियों द्वारा नशे के लिए इस्तेमाल किया जाना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्योंकि उन्हें इस बात का ध्यान ही नहीं रहा कि यह भवन नशे का अड्डा बन चुका है। कुमकलां के पास गांव चौंता में नशे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए और अब तक इस इलाके के कई युवाओं की नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। कूमकलां की सरकारी इमारत के एक कमरे के पास सैकड़ों की गिनती में दवा की खाली शिशी बिखरी हुई मिली। क्या इन बोतलों का इस्तेमाल नशेड़ियों ने नशे के तौर पर किया है या फिर विभाग ने इन्हें इस्तेमाल कर यहां फेंक दिया जाता है, यह भी बड़ा सवाल है।
अस्पताल के पुराने भवन के साथ-साथ पानी की टंकी पर जगह-जगह नशेड़ियों द्वारा फेंके गए पेपर रोल, लाइटर व अन्य सामान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह पूरा पुराना सरकारी भवन पूरी तरह से नशेड़ियों के लिए नशे का अड्डा बन चुका है। कूमकलां सरकारी अस्पताल की पुरानी इमारत के ठीक सामने नई इमारत में स्वास्थ्य विभाग ने नशा मुक्ति केंद्र खोला है। पुराने सरकारी भवन में जहां रोजाना नशे के आदी लोग आकर नशा कर रहे हैं, वहीं नये सरकारी भवन में नशा छुड़ाने के लिए दवा दी जा रही है।