अमृतसरः पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ यूनियन पंजाब के अध्यक्ष और पंजाब बैंक फैडरेशन के उप महासचिव किशोर सिंह की अगुवाई में आज अमृतसर में पीएनबी के लॉरेंस रोड स्थित कार्यालय के बाहर एक दिवसीय देशव्यापी संकेतक हड़ताल के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर किशोर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कोई लंबी अवधि का धरना नहीं है, बल्कि सिर्फ एक दिन की हड़ताल है, जो ऑल इंडिया स्तर पर बैंक कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज देश भर में कुल बैंकिंग उद्योग के लगभग 8 लाख 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें आज की नहीं हैं, बल्कि 2015 से लगातार उठाई जा रही हैं।
सबसे बड़ी मांग यह है कि वेतन समझौते के तहत बचे हुए मसलों को हल करते हुए पांच दिवसीय कार्यप्रणाली को लागू किया जाए। किशोर सिंह ने कहा कि जब बाहरी वेतन समझौता साइन किया गया था, उस समय डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईबीआई की रिपोर्ट, भारत सरकार के वित्तीय प्रतिनिधि और सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि इस प्रक्रिया में शामिल थे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) द्वारा एक लिखित समझौता, एमओयू और जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके अंतर्गत वेतन समझौते को लागू किया जाना था।
उन्होंने बताया कि उस समझौते में यह भी दर्ज था कि जो अनसुलझे मुद्दे रह गए हैं, उन्हें समय पर हल किया जाएगा, पर लगभग दो साल बीत जाने के बावजूद भी ये मामले अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि आज हमारी कोई नई माँग है, हमारी सिर्फ यह माँग है कि जो एग्रीमेंट साइन किया गया है, उसे पूरी तरह लागू किया जाए। बैंक कर्मचारियों ने माना कि हड़ताल के कारण आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन बैंक कर्मचारी कभी भी बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह बाधित करना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों ने ही जनधन योजना जैसी योजनाओं को सफल बनाया है और आगे भी बेहतर ग्राहक सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह हड़ताल कर्मचारियों पर थोपे गए दबाव के कारण की गई मजबूरी है, ताकि सरकार और प्रबंधन लिखित समझौतों को लागू करने की ओर ध्यान दें।
