अमृतसरः पंजाब में 2027 के विधान सभा चुनावों से पहले एक बार फिर से कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। हालांकि यह कलह काफी देर से सामने आ रही थी, लेकिन पंजाब प्रधान अमरिंदर राजा वडिंग इसे दरकिनार कर रहे थे और अंदरूनी कलह के दावों को झूठा बता रहे थे। लेकिन अब नवजोत कौर सिद्धू द्वारा जब खुलकर विरोध किया जा रहा है तो राजा वडिंग ने इन मामलों को लेकर चुप्पी साधी हुई है। दूसरी ओर सासंद सुखजिदंर रंधावा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।

बीते दिन उन्होंने नवजोत कौर सिद्धू को कानूनी नोटिस जारी करके माफी मांगने का आग्रह किया। उन्होंने पत्र में कहा कि अगर सिद्धू माफी नहीं मांगती तो 7 दिनों में उनके नोटिस का वह जवाब दे, नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर अब पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने सांसद सुखजिंदर रंधावा के कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए कहा है कि वह अपने बयानों पर अडिंग हैं।

सिद्धू ने नोटिस को निराधार बताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रंधावा इसे वापिस नहीं लेते हैं, तो वह भी कानूनी कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत आती हैं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। बता दें 2022 के चुनावों के दौरान भी कांग्रेस में इसी तरह से अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई थी और इसी कारण कांग्रेस को हार का सामना भी करना पड़ा था। ऐसे में एक बार फिर से 2027 के चुनावों से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह कई मायने निकाल रही है और कांग्रेस पार्टी के लिए यह चिंता का विषय है।