लुधियानाः मथुरा में नाव हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं आज 3 शव लुधियाना पहुंचे है और 2 शव जगरांव लाए गए हैं। वहीं लुधियाना में 52 वर्षीय मीनू बासंल का आज नम आंखों से परिवार द्वारा अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में कांग्रेस नेता सिमरजीत सिंह बैंस परिवार के साथ दुख सांझा करने पहुंचे। वहीं मामले की जानकारी देते हुए मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने कहा कि उसकी बहन 20 वर्षीय डिंकी बंसल अभी लापता है और उसका नाम मिसिंग लिस्ट में भी नहीं है। निखिल ने बहन को ढूंढने के लिए प्रशासन से मदद करने की अपील की है।
वहीं रिश्तेदार ने कहा कि डिंकी बांसल का अभी तक कुछ नहीं पता चल रहा है, वहीं बहन का अंतिम संस्कार आज किया जा रहा है। बच्ची का मिसिंग लिस्ट में कहीं नाम नहीं है। पति ने कहा कि 3 दिन के टूर के लिए घर से पत्नी और बेटी गई थी। इस दौरान परिवार ने कहा था कि वह सोमवार को लौट आएंगे। पत्नी का आज अंतिम संस्कार करने के बाद पीड़ित ने कहा कि अब उसकी बेटी का पता चल जाए। अभी तक प्रशासन से उनकी कोई बात नहीं हुई है।
मीनू के अंतिम संस्कार में धार्मिक, सामाजिक संगठनों के लोग माैजूद रहे। सभी ने नम आंखों से मीनू को अंतिम विदाई दी। वहीं सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि घटना के बारे में किसी ने कुछ नहीं सोचा था। सभी श्रद्धालु राधे-राधे का जाप कर रहे थे। बैंस ने कहा कि महिला का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन बेटी का शव अभी तक पता नहीं चल पाया है। कांग्रेस प्रधान अमिरंदर सिहं राजा वडिंग मथुरा प्रशासन से तालमेल कर रहे है और सभी शवों को लुधियाना लाने के लिए प्रयास किए जा रहे है।
बता दें कि श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा हर माह की तरह वीरवार शाम को डिस्पोजल रोड से वृंदावन के लिए रवाना हुई दो लग्जरी बसों में कुल 130 लोग सवार थे जो शुक्रवार सुबह 10 बजे सकुशल वृंदावन पहुंचे। इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु धर्मशाला में ही आराम करने अपने-अपने कमरों में रुक गए जबकि वहां से 30 के करीब श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर में माथा टेकने के बाद यमुना नदी में चले गए। इस दौरान उनकी स्टीमर नाव दरिया के अंदर ही बना रहे टेंपरेरी पीपा पुल से टकराने के बाद वहीं यमुना में ही डूब गई।