अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब में धार्मिक सजा पूरी करने के बाद कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज क्षमा याचना के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि वह अपनी राजनीतिक और निजी जिंदगी में जो कुछ भी हैं, वह केवल गुरु साहिब की कृपा से है। हरजोत बैंस ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 6 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उन्हें एक धार्मिक सजा जारी की गई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर पूरी विनम्रता से निभाया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह सजा नहीं, बल्कि गुरु साहिब का आदेश था।
गुरु साहिब ने अपने हाथ मेरे सिर पर रखकर मुझे यह सेवा पूरी करने की शक्ति दी। बैंस ने अपने बचपन की यादें साझा करते कहा कि जब भी वह दरबार साहिब आते थे, वे श्री अकाल तख्त साहिब में छठे पातशाह गुरु हरगोबिंद साहिब जी के चरणों में अरदास करते थे। मैं हमेशा सोचता था कि हम आम घरों के बच्चे हैं, लेकिन आज अगर मैं पंजाब में मंत्री हूं, तो यह केवल गुरु साहिब की मेहर है। मेरे पास कोई खास काबिलियत नहीं है जिस पर मैं गर्व करूं। मेरी हर सफलता गुरु की दया है।
हरजोत बैंस ने सिख समुदाय के 5 साहिबजादों और पूरी संगत के चरणों में क्षमा याचना की। इस मौके बैंस ने श्री अकाल तख्त साहिब और आसपास के बाजारों, गलियों और नालियों में कुछ कमियों का जिक्र करते कहा कि उन्होंने अपने निजी फंड से 20 लाख देकर इन रास्तों को सुधारने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी एक महीने की तनख्वाह दसवंध के रूप में गुरु घर को भेंट करने की घोषणा की। अगर जरूरत पड़ी तो मैं स्वयं आकर यहां झाड़ू भी लगाऊंगा।
चाहे मंत्री के रूप में या सेवादार के रूप में, मैं हमेशा गुरु घर की सेवा के लिए मौजूद हूं। यह हमारे धर्म की जड़ है और इससे जुड़ना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। उनके लिए धार्मिक सेवा और जिम्मेदारियां निजी आस्था से जुड़ी हैं, और वे राजनीतिक जीवन में भी इन मूल्यों को मजबूती से बनाए रखने का प्रयास करते हैं। गुरु घर की सेवा सिर्फ एक धार्मिक कार्य नहीं, यह हमारी जिंदगी का असली मकसद है।