अमृतसर। पंजाबी संगीत जगत को सैकड़ों मशहूर गाने देने वाले लेखक निम्मा लुहारका का आज लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। जिसके बाद अमृतसर स्थित उनके पैतृक गांव लुहारके में परिवार के सदस्यों ने उनका अंतिम संस्कार किया।
अंतिम संस्कार में कोई बड़ा गायक नहीं हुआ शामिल
निम्मा ने कई ऐसे गीत लिखे जो नए और पुराने कलाकारों को प्रसिद्धि दिलाने में मील का पत्थर साबित हुए, लेकिन दुख की बात यह है कि उनके निधन के बाद कोई भी बड़ा गायक उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ।
बचपन से ही उन्हें पंजाबी गीत लेखन में बहुत रुचि थी
मीडिया से बात करते हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि निम्मा ने 17-18 साल की उम्र में ही गीत लिखना शुरू कर दिया था। उनके बड़े भाई जसपाल सिंह ने बताया, “बचपन से ही उन्हें पंजाबी गीत लेखन में बहुत रुचि थी। गुरुद्वारे जाते थे तो क्लास के बहाने गीतों के बोल लिखने लगते थे। आज बहुत बड़ी क्षति हुई है। पंजाबी संगीत जगत ने एक महान लेखक खो दिया है।” परिवार ने बताया कि निम्मा के लिखे गीतों ने नछत्तर गिल, निक्कू जी, कुलविंदर ढिल्लों और वडाली ब्रदर्स समेत कई गायकों को स्टार बनाया है। इनमें से कई कलाकार आज के पंजाबी संगीत में बड़ा नाम हैं। इसके बावजूद आज निम्मा के घर कोई मशहूर कलाकार मौजूद नहीं था।
जसपाल सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि अमरिंदर गिल ने बुलाया था, लेकिन कोई और नहीं आया। उन्होंने कई कलाकारों को गीत दिया था, लेकिन आज उनके निधन पर कोई बड़ा गायक नहीं पहुंचा। यह बहुत दुखद है। परिवार के अनुसार, निम्मा पिछले कई महीनों से मधुमेह और पैर के संक्रमण से जूझ रहे थे। हालत बिगड़ती जा रही थी। दो दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और आज उनका निधन हो गया।