अमृतसरः श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन सरूपों के गायब होने से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। कल पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बीच, शिकायत करने वाले बलदेव सिंह वडाला के वकील प्रदीप विर्क ने बड़ा दावा किया है कि गायब हुए सरूपों की संख्या 328 नहीं, बल्कि 800 से ज्यादा हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में दी गई स्टेटस रिपोर्ट में यह दर्ज किया गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कुल 12 लाख 67 हजार 478 पेज प्रिंटिंग के लिए दिए गए थे। वकील का दावा है कि ये पेज बिना किसी लिखित परमिशन के प्रिंटिंग के लिए भेजे गए थे, जो एक गंभीर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। स्टेटस रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि प्रिंटिंग डिपार्टमेंट के पास इतनी बड़ी संख्या में दिए गए पेजों का कोई रिकॉर्ड नहीं है, और न ही इस बारे में कोई सरकारी रिकॉर्ड है।
इस खुलासे के बाद पूरे मामले में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और जांच प्रोसेस पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो मामले की आगे की दिशा तय करेगा।
