अमृतसरः गुरु के बाग मोर्चे की वर्षगांठ के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने श्री दरबार साहिब स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में एक विशेष कथा चर्चा का आयोजन किया। उन्होंने गुरु के बाग मोर्चे के इतिहास पर प्रकाश डालते कहा कि यह मोर्चा सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें सिखों ने अपने धर्म, अधिकारों और सम्मान के लिए अभूतपूर्व बलिदान दिए।
ज्ञानी गर्गज ने कहा कि गुरु के बाग मोर्चे के दौरान 12 सिंहों ने शहादत प्राप्त की, लगभग 1500 सिंह घायल हुए और 5600 सिंहों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। शहीदों के अटूट साहस और अटूट विश्वास को याद करते उन्होंने कहा कि ये बलिदान हमारे लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। कार्यकारी जत्थेदार ने शीश झुकाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और संगत से गुरु के भय में पंथ के महान कार्यों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पंथिक एकता ही सिख समुदाय को मज़बूत कर सकती है और युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना बेहद ज़रूरी है। इस कार्यक्रम में हज़ारों श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने गुरु के बाग मोर्चे के शहीदों को याद करते अरदास में हिस्सा लिया। संगत ने शहीदों की यादों को ताजा रखने और उनके संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
