अमृतसरः जिले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष द्वारा SGPC कर्मचारियों को कुर्ता-पायजामा पहनने संबंधी जारी किए गए निर्देश अब व्यवहार में उतारे जा रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है और इसे सिख मर्यादा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए SGPC के सचिव बलविंदर सिंह कालवा ने कहा कि पुरखों द्वारा कही जाने वाली कहावतें जैसे “जैसा देश वैसा भेष” आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय अध्यक्ष द्वारा सिख संगतों की मांग और अपने मन के विचारों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है, जो बहुत सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह आदेश जारी हुआ है, देश और विदेश से सिख संगतों द्वारा इसका भरपूर स्वागत किया जा रहा है। कालवा ने कहा कि जब SGPC के सेवाकारक या अधिकारी विदेशों या अन्य राज्यों में प्रचार-प्रसार के लिए जाते हैं तो लोग उन्हें सच्चखंड श्री दरबार साहिब से जुड़ा हुआ समझते हैं और बड़े सम्मान से मिलते हैं।
इसलिए यह जरूरी है कि उनकी पोशाक भी उस मर्यादा और परंपरा के अनुसार हो। उन्होंने बताया कि फिलहाल अध्यक्ष द्वारा यह आदेश वीरवार, शुक्रवार और शनिवार 3 दिनों के लिए लागू किया गया है। हालांकि कई कर्मचारियों ने यह सुझाव दिया है कि इसे पूरे सप्ताह के लिए लागू किया जाना चाहिए। कालवा ने कहा कि SGPC के कार्यालयों में सेवाकारक अब अपना काम शुरू करने से पहले गुरमंत्र और मूल मंत्र का पाठ करेंगे और छोटी अरदास करके अपने कर्तव्य निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की उपदेश “किरत करो, नाम जपो ते वंड छको” को अमल में लाना ही सच्ची सेवा है।
