अमृतसरः क्राइम की वारदातों के खिलाफ लगातार पुलिस द्वारा सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। वहीं 14 साल के गुरसेवक के हत्या के मुख्य आरोपी कुलबीर सिंह का महता गांव खब्बे राजपूता में कराए गए फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में कुलबीर को पैर में गोली लगी। घायल कुलबीर को पुलिस ने गिरफ्तार करके इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी जंडियाला गुरु रविंदर सिंह ने बताया कि कत्ल मामले में कुलबीर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरा साथी अभी फरार हैं।
डीएसपी ने कहाकि जब थाना महिता के एसएचओ की अगुवाई में पुलिस कुलबीर को हथियार की बरामदगी के लिए निशानदेही पर लेकर गई, तो उसने मौके का फायदा उठाते हुए भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने एक तूत के पेड़ के नीचे छुपाई गई पिस्तौल निकाल ली और अचानक पुलिस पर गोली चला दी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। गांव खब्बे राजपूता का गुरप्रीत सिंह सेना में तैनात है और क्लब की तरफ से फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने आया था।
इसी गांव के अमर नाम के युवक और उसकी मां के बीच 5 साल पुरानी दुश्मनी चल रही थी। अमर और उसकी मां ने गुरप्रीत सिंह पर गोली चला दी, लेकिन गोली गलती से गुरसेवक को लग गई, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्या केस में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगा रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था। मुकाबले के दौरान पुलिस ने कुल तीन गोलियां चलाईं, जिनमें से एक हवा में गई। कुलबीर सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस अगली जांच में लगी हुई है।