अमृतसरः जिले के तिलक नगर सुंदर नगर के एक गुरुद्वारे में हुई बेअदबी की घटना ने पूरे सिख समाज में चिंता की लहर है। इस मामले में आल इंडिया सिख सत्कार समिति के नेता रविंदर सिंह खालसा ने मीडिया के माध्यम से बताया कि ग्रंथी सिंह ने गुरुद्वारे और समिति की बदनामी के लिए गलत हरकत करते हुए एक लाइव वीडियो वायरल की। इस व्यक्ति ने अमृतकाल में पवित्र ग्रंथों पर मिट्टी डाली और उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर चलाई। समिति ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि उक्त ग्रंथी सिंह पहले भी कई गुरुद्वारों से अनुचित व्यवहार के कारण निकाला जा चुका था।
बताया गया कि उसे अच्छी आवासीय सुविधा, एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं और 12000 हजार मासिक वेतन मिल रही थी, फिर भी वह अमानवीय व्यवहार करता रहा। भाई रविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पूरा विवरण और पृष्ठभूमि एकत्र कर अकाल तख्त साहिब के समक्ष प्रस्तुत की है। उन्होंने न्याय की मांग की और भरोसा जताया कि अकाल तख्त साहिब से उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त सचिवालय की टीम ने विश्वास दिलाया है कि वे इस मामले की गंभीर जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में गुरुद्वारे की सेवादार सिमरनदीप कौर ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम हर सुबह गुरुद्वारे में जाकर नियमित पूजा करते हैं। गुटका साहिब लेकर गुरुद्वारे आते हैं, दो-तीन घंटे रहकर सारी सफाई और देखभाल करते हैं, फिर घर लौटते हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन जब से नए पाठी सिंह गुरुद्वारे आए, हालात पूरी तरह बदल गए। संगत की संख्या कम होने लगी, कीर्तन-कथा बंद हो गई और जो भी कथा होती थी।
वह धार्मिक की बजाय दुनियावी बातों पर केंद्रित रहने लगी। सिमरनदीप कौर ने कहा कि पाठी सिंह हमेशा अपनी बात को सही मानते रहे, किसी भी संगत की बात नहीं सुनी और केवल अपनी मनमर्जी चलाते रहे। इसी कारण संगत अब मांग कर रही है कि उनकी जगह कोई ऐसा पाठी सिंह लाया जाए जो गुरुमति अनुसार सेवा करे, कीर्तन और साखियों के माध्यम से संगत को गुरुद्वारे से जोड़े।
