लुधियानाः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मशहूर पंजाबी गायक गुरु रंधावा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ समराला की अदालत में चल रही आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने कानूनी प्रक्रिया की पालना किए बिना ही नोटिस जारी कर दिया था। यह विवाद गुरु रंधावा के गीत सिरा के बोलों से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इस गीत के जरिए जाट-सिख समुदाय को बदनाम किया गया है और धार्मिक रीत-रिवाजों की बेअदबी की गई है। समराला के सब-डिविजनल न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 25 अगस्त 2025 को इस मामले में गायक को नोटिस जारी किया था।
जस्टिस सूर्या प्रताप सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नियमों के अनुसार किसी भी आरोपी को नोटिस जारी करने से पहले मूल साक्ष्य दर्ज करना अनिवार्य है। इस मामले में ऐसा नहीं किया गया, जिसके कारण अदालत ने कार्रवाई पर स्टे लगा दिया है।
गुरु रंधावा के वकीलों (तेजेश्वर सिंह और तरुषी मोंगा) ने अदालत में दलील दी कि गायक की कोई गलत नीयत नहीं थी। कानूनी नोटिस मिलने पर उन्होंने तुरंत जवाब दिया था। विवादित बोलों को हटाने या संशोधित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्मों से पहले ही बातचीत की जा चुकी है, जो उनकी नेक नीयत को दर्शाता है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई के लिए तय की है; तब तक निचली अदालत में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
