मोहालीः पंजाब के शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। दरअसल, आय से अधिक संपत्ति मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। दरअसल, मजीठिया के वकीलों ने गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका में संशोधन के लिए 3 सप्ताह का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की है। बता दें कि बिक्रम मजीठिया इस समय नाभा जेल में बंद हैं। मजीठिया का 6 जुलाई को पुलिस रिमांड समाप्त हो गया था, जिसके बाद मोहाली कोर्ट ने उन्हें 19 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उनकी बैरक में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और स्पष्ट किया है कि उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी। सरकारी वकील के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। मजीठिया को जेल ले जाते समय पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे और जेल जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 25 जून की सुबह साढ़े 4 बजे मोहाली में मजीठिया पर केस दर्ज किया।
इसके बाद राज्य के 26 स्थानों पर मजीठिया से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई। फिर सुबह साढ़े 11 बजे के बाद मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 29 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 3 आईपैड, 2 डेस्कटॉप, 8 डायरियां और अन्य दस्तावेज बरामद करने का दावा किया। दावा किया गया कि ये मजीठिया से मिली हैं। हालांकि मजीठिया के के वकीलों का दावा है कि जांच में कोई फोन नहीं मिला है। सब गलत जानकारी मीडिया में जानकारी की गई है।