चंडीगढ़ः गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर संधू को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बताया जा रहा है कि फिलहाल हाईकोर्ट से गुरशेर संधू को कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई को 9 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। गुरशेर संधू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई कभी भी उनकी हिरासत में नहीं था, बल्कि उसे पहले दिन से ही एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने अपनी कस्टडी में लिया हुआ था। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी ठोस कारण के बर्खास्त कर दिया गया।
उन्होंने अदालत से अपने पक्ष को सुने जाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वीरवार हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने संधू को फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि उन्होंने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है, ऐसे में हाईकोर्ट इस पर सुनवाई नहीं कर सकता। दरअसल, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का साल 2023 के मार्च में इंटरव्यू जारी हुआ था। यह पूरा इंटरव्यू वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुआ और एक निजी चैनल पर टेलीकास्ट भी हुआ। उस समय लॉरेंस सीआईए, खरड़ की हिरासत में था और डीएसपी गुरशेर सिंह इस मामले की जांच में जुटे थे।
साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई की भी अहम भूमिका थी। इस मामले में पंजाब पुलिस जांच के लिए लॉरेंस को ट्रांजिट रिमांड पर तिहाड़ जेल से लेकर लाई थी। जब लॉरेंस का इंटरव्यू प्रसारित हुआ तो दोषी अफसरों पर एक्शन लेने के लिए हाईकोर्ट ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। इस मामले में पहले छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही थी। लेकिन हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि छोटे अधिकारी बलि का बकरा क्यों बनाए जा रहे हैं। जिसके बाद डीएसपी गुरशेर सिंह को बर्खास्तगी की जानकारी सामने आई थी।
