चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। दरअसल, विधानसभा में सवाल सत्र चल रहा है, जिसमें विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रश्न पूछ रहे हैं और जनता के समक्ष मुद्दे उठा रहे हैं। वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने अवैध माइनिंग को लेकर सवाल उठाए है। जिस पर आप पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने पलटवार करते हुए जवाब दिया कि बाजवा साबित करें। इस दौरान प्रताप बाजवा और सीएम भगंवत मान में भी तीखी नोंकझोक देखने को मिली। जिसके बाद प्रताप बाजवा ने विधानसभा से वॉकआउट कर लिया।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मैं विपक्षी दल के नेता से कहा कि वह हमारी बात सुनकर चले जाएं। उन्होंने स्पीकर से कहा कि उन्हें बैठने के लिए कहा जाए। अरोड़ा ने कहा कि स्पीकर को उनसे कहना चाहिए कि अगर उनमें थोड़ा भी शर्म है तो वह बैठकर सुनें। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने हर घर में नौकरियां देने का दावा किया था, लेकिन हमें बताओ कि क्या उन्होंने एक भी नौकरी दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने 63,000 नौकरियां दीं। उन्होंने 2,500 रुपये का भत्ता देने का भी उल्लेख किया। कांग्रेस सिर्फ 48,000 को अपना समझती है, लेकिन वह नौजवानों का पैसा लेकर भाग गई।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विपक्षी दल के नेता बाजवा ने कई मुद्दे उठाए। मुझे समझ नहीं आ रहा कि कांग्रेस 6 मार्च को बाजवा के नेतृत्व में वॉकआउट क्यों कर गई। उन्होंने राज्यपाल की बात भी नहीं सुनी। कांग्रेस 2017 में झूठे वादे करके सत्ता में आई थी। ‘आप’ ने पिछले 5 सालों में दी गई सारी गारंटियों को पूरा किया है। जब अंतिम समय के लिए घंटी बजाई गई तो मंत्री अमन अरोड़ा गुस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग पहले ही 3-4 मिनट पहले ही ले चुके थे। अगर समय नहीं है, तो मुझे बताओ मैं चला जाऊंगा।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को बताना चाहिए कि वे राज्यपाल के भाषण के दौरान क्यों उठे और चले गए। कुछ दिनों पहले एक कांग्रेस रैली हुई थी, जिसमें राहुल गांधी ने रिज़र्व में बैठने की बात की थी। अगर उनमें कोई स्वाभिमान होता, तो वे उस दिन मंच से उठते और कहते कि उन्होंने हज़ारों लोगों के सामने हमारा कैसे अपमान किया, पर फिर वह सिर नींचकर बैठ गए। जिस दिन राज्यपाल अच्छे काम की बात कर रहे थे, वह वहां से भाग गए।