चंडीगढ़: बच्चों की सेहत और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को बैग्स के अतिरिक्त वजन को घटाने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होगा।

नए नियमों के मुताबिक पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के बैग का वजन लगभग 1.5 से 2 किलो तक ही रखा जाएगा। इसके अलावा, पहली से 5वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बैग का वजन उनके शारीरिक वज़न का 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को रोज़ाना केवल ज़रूरी किताबें ही ले जाने दी जाएँ और फ़ालतू पुस्तकें या कॉपियाँ बैग में न रखवाई जाएँ।

इससे बच्चों को पीठ दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाया जा सकेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में समय-समय पर जाँच भी की जाएगी। माता-पिता से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के बस्तों का वजन चेक करते रहें। इस निर्णय को माता-पिता और शैक्षिक विशेषज्ञ सकारात्मक कदम करार दे रहे हैं, क्योंकि इससे बच्चों की सेहत और सुविधा में सुधार आएगा।
