जिले के सभी DC को सख्त आदेश जारी
मोहालीः पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग में बड़ा कदम उठाते हुए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 मंत्री होंगे और अमन अरोड़ा, बलवीर सिंह, लालजीत भुल्लर और तरनप्रीत सिंह सौंद सदस्य होंगे। यह समिति गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क स्थापित करेगी। पंजाब सरकार की तरफ से WAR ON DRUGS के तहत कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी ग्राउंड पर जाकर काम करेगी। गांव स्तर पर लोगों के बीच जाएगी। उनसे बातचीत करेगी। साथ ही यह भी देखेगी कि सरकार की मुहिम अच्छे तरीके से चल रही है या नहीं। कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएम भगवंत मान को अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद सुधार की प्रक्रिया चलेगी। सरकार का फोकस 2027 विधानसभा चुनाव पर है। नशा पंजाब के पिछले तीन विस चुनाव से बड़ा मुद्दा रहा है।

अब अगले चुनाव तक पंजाब में नशे को पूरी तरह से खत्म करने करने और तस्करों पर सख्ती करने की योजना है। वहीं नशे को रोकने के लिए सरकार ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत नशे की रोकथाम और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने सभी डिप्टी कमिश्नरों (DCs) को अपने-अपने जिलों में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुनर्वास और नशा मुक्ति केंद्रों को पूरी तरह से दवाइयों, टेस्टिंग किट और आवश्यक स्टाफ से लैस किया जाए ताकि नशे के आदी व्यक्तियों का उचित इलाज हो सके।
इस अभियान के तहत आईएएस अधिकारी संदीप कुमार सभी नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करेंगे और उनकी स्थिति का जायजा लेंगे। वह किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही की सीधी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान को उच्च स्तर पर मॉनिटर किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को दो दिनों के भीतर अपने जिलों के नशा मुक्ति केंद्रों को पूरी तरह से सुसज्जित करना होगा। इनमें आवश्यक दवाइयां, बुप्रेनोर्फिन, टेस्टिंग किट और पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी जिले में पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्था में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी मंशा साफ कर दी है। सरकार न केवल ड्रग तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, बल्कि नशे के आदी लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों को भी पूरी तरह से तैयार करेगी। राज्य के सभी जिलों में यह अभियान एक साथ चलाया जाएगा और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
