अमृतसरः गुरुद्वारा साहिब की जमीन बेचने के एसजीपीसी पर गंभीर आरोप लगे है। वहीं इस मामले को लेकर अकाली दल पुन: सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में अमृतसर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि बैठक में न केवल राजनीतिक मुद्दों, बल्कि पंथ से जुड़े महत्वपूर्ण मसलों पर भी विचार किया गया। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गुरुद्वारा अंब साहिब और गुरुद्वारा भट्ठा साहिब कोटला निहंग खां से जुड़ी जमीनों के मामले में सच्चाई को संगत के सामने नहीं रखा जा रहा।
पहले कहा गया कि कोई कतहत नहीं हुई, फिर खबरें आईं है कि कार्रवाई की गई है, जो खुद सवाल खड़े करता है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बताया कि 2002 में एक बीबी द्वारा गुरुद्वारा भट्ठा साहिब के लिए दी गई जमीन को बाद में सस्ते दामों पर बेच दिया गया, जबकि वह जमीन मेन हाइवे पर स्थित थी। उन्होंने सवाल उठाए कि जमीन बेचने की क्या जरूरत थी और यदि बेची गई तो इतनी कम कीमत क्यों बेची गई।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अधिनियम के अनुरूप यदि गुरुद्वारा जमीन बेची जाती है तो उसके बदले जमीन ही खरीदी जानी चाहिए, लेकिन गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन के बदले गमाडा की ओर से दिए गए 39 करोड़ 43 लाख रुपये की वापसी या नई संपत्तियों के बारे में अभी तक स्पष्टता नहीं है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाए कि एसजीपीसी को अपनी इच्छा से चलाने की हल्लाशेरी सुखबीर सिंह बादल द्वारा दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि 1999 से लेकर अब तक गुरुद्वारा जायदादों की खरीद-फरोख्त की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने ऐलान किया कि 3 मार्च को आनंदपुर साहिब में पंथक सम्मेलन किया जाएगा, जिसमें पंथ का भविष्यवाणी दृष्टि संगतों के सामने रखी जाएगी।