अमृतसर: चीफ खालसा दीवान की जनरल हाउस की बैठक प्रधान डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर की अगुवाई में हुई। इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार किया गया। दरअसल, 30 मार्च 2025 को 65 सदस्यों की लगातार बैठकों में गैरहाजिरी के कारण दीवान की प्रारंभिक सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव में 65 सदस्यों के साथ बिक्रम सिंह मजीठिया के पिता सतयजीत सिंह मजीठिया का नाम भी शामिल था। प्राचीन सिख संस्था चीफ खालसा दीवान में आज हुई जनरल हाउस की बैठक के दौरान पिछले दिनों दीवान की बैठकों में लगातार शामिल ना होने वाले करीब 65 सदस्यों की सदस्यता पुनः बहाल करने की सूचना मिली है।
प्राप्त विवरण के अनुसार आज की सभा दीवान के प्रधान डॉ. इंदरबीर सिंह निझर की अध्यक्षता में दीवान के गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब में हुई। आज की बैठक के दौरान पूर्व में 65 सदस्यों की सदस्यता रद्द करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई। आज की सभा में शामिल हुए दीवान के सदस्य और भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा ने बैठक में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है और हर सिख श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है।
श्री अकाल तख्त साहिब और तख्त श्री हरिमंदर पटना साहिब के बीच जारी विवाद पर लालपुरा ने एकता की अपील की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय अल्पसंख्यक है और पूरी दुनिया में हमारी संख्या ढाई करोड़ के करीब है। इसलिए हमें एकजुट होकर सिख धर्म को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने शिरोमणि कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी, हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींड़ा और दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरमीत कालका से एक साथ मिलकर सिख धर्म की प्रगति के लिए कार्य करने की अपील की।