बुलेटप्रूफ जैकेट से बची सब-इंस्पेक्टर की जान
अमृतसरः पंजाब सरकार और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में राज्य को नशा मुक्त और गैंगस्टर मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर गैंगस्टर को काबू करने की कोशिश की, जहां पुलिस और गैंगस्टर में मुठभेड़ हो गई। इस मुकाबले में गैंगस्टर मनी प्रिंस उर्फ मनी सुरमा मारा गया। अमृतसर बार्डर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पंजाब पुलिस अपराधों को नष्ट करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
मनी सुरमा मूल रूप से तरनतारन जिले का रहने वाला था और उसके विरुद्ध हत्या (302), इरादा हत्या (307), एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत लगभग 50 अपराधी केस दर्ज थे। वह कई केसों में शामिल था और कई अन्य मामलों में पुलिस को तलाश थी। उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी को एक मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 14 जनवरी को वह गुरु नानक देव अस्पताल से पुलिस हिरासत से भागने में सफल हो गया था। डीआईजी ने बताया कि एसएसपी की अगुवाई में बनाई गई विशेष टीमें इस गैंगस्टर का पीछा कर रही थीं।
आज झंडा थाना क्षेत्र में जब पुलिस ने उसको घेर लिया, तो उसने पुलिस पार्टी पर पीएफ-9 कैलिबर के विदेशी पिस्तौल के साथ ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली सब-इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में मनी सुरमा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत लोपोके अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीआईजी ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे बदमाशों को बड़े- बड़े नाम देकर प्रसिद्ध न किया जाए, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल से उसके भागने की साजिश में शामिल व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है और दो मुलाजिमों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घटना वाली जगह पर फोरेंसिक टीमों द्वारा जांच जारी है।