चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को राहत देने से इनकार कर दिया है। ‘आप’ के नेता ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 4 साल की सजा से राहत की मांग की थी। अदालत ने लालपुरा के मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “चूंकि उनकी विधायिका सदस्यता रद्द करने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इसीलिए उन्हें इस चरण पर तुरंत हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं प्रतीत होती।” लालपुरा के वकील ने तर्क दिया कि यदि सजा पर रोक नहीं लगाई जाती है, तो उनकी विधायिका सदस्यता अपने आप रद्द हो सकती है, जिससे चुनाव प्रक्रिया का पुन: आयोजन आवश्यक हो जाएगा।
अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा, कि जब सदस्यता रद्द करने जैसे कदम नहीं उठाए गए हैं, तो इतनी जल्दी की क्या जरूरत है। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई अगले महीने तक टाल दी है। अदालत को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह अगली तारीख को पूरा मामला रिकॉर्ड के साथ अदालत में प्रस्तुत करे।