पठानकोटः जिले में पिछले महीने आई बाढ़ ने जहां सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई थी, वहीं इसका असर अभी तक खत्म नहीं हुआ है। बाढ़ के कारण पठानकोट से जालंधर को जोड़ने वाला रेलवे पुल और पंजाब-हिमाचल सीमा पर एयरपोर्ट जाने वाला मार्ग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। कई दिनों तक रेल यातायात पूरी तरह ठप रहा और आज भी एयरपोर्ट रोड की मरम्मत का काम अधूरा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अब भी जान जोखिम में डालकर अपने घरों और काम की जगहों तक पहुंचने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी भले ही उतर गया है, लेकिन असली मुश्किल अब शुरू हुई है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं और अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हमें अपने घरों तक पहुंचने के लिए करीब 15 से 20 फीट ऊंची पहाड़ी से नीचे उतरना पड़ता है। यह बेहद खतरनाक है, लेकिन कोई और रास्ता नहीं बचा।
लोगों ने सरकार से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तुरंत पूरा कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपने घरों और कार्यस्थलों तक आ-जा सकें। स्थानीय प्रशासन की ओर से सड़क और पुल के पुनर्निर्माण के कार्य की समीक्षा जारी है, लेकिन मरम्मत कार्य में देरी के चलते आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही रास्तों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।