अमृतसरः भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष ने पूरे राज्य में भारत-अमरीका ट्रेड डील के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और मोदी सरकार के पुतले जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। जिला हेडक्वार्टर पर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई।
जानकारी देते भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के पंजाब प्रेसिडेंट पलविंदर सिंह महल ने कहा कि भारत-US ट्रेड डील के नाम पर देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के हितों के साथ सौदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से सोयाबीन, मक्के से जुड़े प्रोडक्ट, सेब वगैरह इंपोर्ट करके भारतीय किसानों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी किसानों के पास सैकड़ों एकड़ जमीन है और उन्हें करोड़ों रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसानों के पास औसतन डेढ़ से 2 एकड़ जमीन है और उन्हें उस हिसाब से सब्सिडी भी नहीं मिलती। ऐसे में भारतीय किसान अमेरिकी किसानों का मुकाबला नहीं कर सकते। यह ट्रेड डील खेती, डेयरी सेक्टर, छोटी दुकानों, छोटी फैक्ट्रियों और सरकारी संस्थाओं के लिए गले की हड्डी बन जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके पास करो या मरो की नीति है और अगर हमारे पास हमारी जमीने नहीं रहेंगी तो वह क्या करेंगे। इसलिए इस ट्रेड टील को खत्म करवाने के लिए वह बड़े सतर पर प्रदर्शन करेंगे।
किसान नेता रेशम सिंह ने कहा कि मोदी और ट्रंप सरकार का किया यह समझौता किसानों के लिए बहुत नुकसानदायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना काल में जब देश का पूरा सिस्टम ठप था, उस समय किसानों ने लंगर और ऑक्सीजन देकर देश को बचाया। अब उन्हीं किसानों को खत्म करने की साजिश की जा रही है। किसान नेताओं ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस संघर्ष को देश स्तर पर लाया जाएगा और पहले की तरह दिल्ली तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान और नौजवान अपने हक की रक्षा के लिए हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं।