डेराबस्सीः गांव कारकौर में फर्जी सब इंस्पेक्टर बनकर दर्जन भर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाकर फरार हो गया। आरोपी अपने आपको हरियाणा पुलिस में पंचकूला के डीआईजी दफ्तर में तैनात सब इंस्पेक्टर बताया था और हर समय वर्दी पहनकर रखता था। जांच अधिकारी एएसआई परमजीत सिंह ने बताया कि गांव वासियों को चकमा देने के लिए वह अपने परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था और कई लोगों को ठगी का शिकार बनाकर फरार हो गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है और 5 वाहन बरामद किए है।
आरोपी की पहचान नथपाल सिंह उर्फ टाइगर के रूप में हुई है। आरोपी ने अपनी नकली नाम रघबीर सिंह रखा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी परमिंदरजीत कौर सहित 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसके बाद अब परमिंदरजीत कौर को गिरफ्तार करके जेल में भेज दिया। पुलिस ने गांव वासियों से मारी ठगी के मामले में 3 कारें और 2 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
उक्त आरोपी ने अपने घर के बाहर पुलिस सब इंस्पेक्टर की प्लेट भी लगा रखी थी। इसी बीच आरोपी को गांव वालों से प्यार हो गया और उसने उन्हें अलग-अलग तरीके से लोगों को धोखा दिया और रातों-रात फरार हो गया। आरोपी ने पुलिस में भर्ती होने के लिए एक व्यक्ति से 15 लाख, 2 नई अर्टिगा कारें यह कहकर लीं कि 60 हजार प्रति माह किराया मिलेगा। एक गांववासी की बेटी की शादी में देने के लिए उसके नाम पर एक मोटरसाइकिल फाइनेंस कराई गई, एक एक्टिवा, और रास्ते में उसने एक किआ कार भी ली।
गांव वासियों को धोखाधड़ी का पता तब चला जब आरोपी परिवार समेत गांव से गायब हो गया। जिसके बाद गांव के रहने वाले लखवीर सिंह समेत अन्य लोगों ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी टाइगर के खिलाफ हरियाणा में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। घोटाले में उनकी पत्नी भी शामिल हैं। दोनों ने करीब 6 साल पहले प्रेम विवाह किया था। आरोपी टाइगर को ऑस्ट्रिया से वापस भेज दिया गया था। जिसके बाद वह भारत लौट आया और लोगों को ठगना शुरू कर दिया।