अमृतसर। गुरदासपुर की घटना के बाद स्पेशल DGP पंजाब अर्पित शुक्ला अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और बाद में चल रहे ऑपरेशन का रिव्यू करने के लिए पुलिस टीमों के साथ मीटिंग की। मीटिंग के बाद उन्होंने मीडिया से बात की।
डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा कि पंजाब पुलिस गैंगस्टर और बड़े तस्करों के खिलाफ राज्य स्तर पर स्पेशल ऑपरेशन चला रही है, जिसके तहत कई जगहों पर बड़े ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यह दौरा बॉर्डर इलाकों में चल रहे ऑपरेशन का रिव्यू करने और संभावित रुकावटों को दूर करने के लिए किया गया है, ताकि ड्रग्स और तस्करी के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया जा सके। वहीं, जब पत्रकारों ने उनसे गुरदासपुर की घटना के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। किसी भी पुलिस अधिकारी या पुलिस कर्मी का हौसला कम न हो, इसलिए वह खुद सड़कों पर उतरकर पुलिस अधिकारियों से मिल रहे हैं। हम इस हादसे को ISI या किसी दूसरे गैंग से जोड़कर नहीं देख रहे हैं, हम हर एंगल से इसकी जांच कर रहे हैं और जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह हादसा कैसे हुआ और पुलिस उसे कानून के मुताबिक सजा जरूर देगी।
पंजाब के सात पुलिस जिले पाकिस्तान के साथ इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे हैं, फाजिल्का से पठानकोट तक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बॉर्डर पर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए मैनपावर बढ़ाई गई है और डिफेंस की दूसरी लाइन को और मजबूत किया गया है।
डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा कि पंजाब सरकार ने 40 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की है, जिससे बॉर्डर बेल्ट में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि 24 घंटे निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही, सेंसिटिव इलाकों में एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं और आने वाले समय में और भी सिस्टम लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी घटना की बहुत अच्छी तरह से जांच की जा रही है। सीनियर अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जैसे ही फैक्ट्स सामने आएंगे, उन्हें मीडिया के साथ शेयर किया जाएगा। पुलिस कर्मियों का हौसला ऊंचा है और पंजाब पुलिस एक हिम्मती और बहादुर फोर्स है।