अमृतसरः शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) की अध्यक्षता के चुनाव आज होने जा रहे हैं। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तनाव का माहौल गर्म है। कल शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी सदस्यों के साथ बैठक कर हरजिंदर सिंह धामी को फिर से अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया। वहीं विरोधी धड़े ने मिट्ठू सिंह काहणके को अपना उम्मीदवार खड़ा किया है।
अगर इस बार भी धामी अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो यह उनकी 5वीं बार अध्यक्षता होगी। इस चुनाव के दौरान अध्यक्ष के साथ-साथ वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जूनियर उपाध्यक्ष, जनरल सचिव और मुख्य सचिव की भी चुनाव प्रक्रिया होगी। शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “चुनाव प्रक्रिया अरदास और हुक्मनामा के बाद शुरू होगी। यह सारी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से होगी।”
मन्नन ने कहा कि अगर धामी दोबारा अध्यक्ष बनते हैं, तो यह सिख पंथ के लिए गर्व की बात होगी। उन्होंने कहा कि धामी की अध्यक्षता के दौरान धार्मिक, शैक्षिक और प्रबंधकीय क्षेत्रों में उनके कार्य प्रशंसनीय रहे हैं। दूसरी ओर विरोधी धड़े की तरफ से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ सदस्यों का कहना है कि चुनावों में सर्वसम्मति से फैसला लेना चाहिए, ताकि सिख समुदाय में एकता बनी रहे।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि “शिरोमणि कमेटी सिखों की मिनी संसद है, जिसका उद्देश्य समुदाय की सेवा करना है। धामी ने यह जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई है, इसलिए वे फिर इस पद के लिए सबसे उपयुक्त चुनाव हैं।” विरोधी पक्ष का कहना है कि केंद्र की एजेंसियां सिख संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं और सिख समुदाय को अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि गोलक के पैसों का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। आज होने वाले चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी हैं। ऐसे में देखना यह है कि क्या हरजिंदर सिंह धामी 5वीं बार अध्यक्ष बनकर इतिहास रचेंगे या विरोधी धड़ा कोई नया पन्ना खोलेगा।
