मोहालीः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अगले वर्ष 2026 से साल में दो बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। नए नियम के ड्राफ्ट को सीबीएसई ने मंजूरी दे दी है। सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का पहला चरण चरण फरवरी-मार्च में में आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण मई 2026 में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा की है।
वहीं इस मामले को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सीबीएसई की नई परीक्षा पैटर्न योजना पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इसमें पंजाबी को बाहर रखा गया है। मंत्री बैंस ने सीबीएसई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।उन्होंने कहा कि बीते दिन 10वीं कक्षा के एग्जाम को साल में 2 बार करवाने का ऐलान किया गया, लेकिन इसमें पंजाबी भाषा को ही गायब कर दिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिजनल भाषा और विदेशी भाषा को मान्यता दी गई, जिसको लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों की पंजाबी मां बोली को खत्म करने की कोशिश की गई।
ऐसे में उन्होंने सीबीएसई और केंद्र शिक्षा मंत्री से इस पैटर्न को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होने कहा कि रिजनल भाषा और विदेशी भाषा का एग्जाम एक दिन में रखा जा रहा है। भाव है कि पंजाबी या चाईनीज की भाषा एक कर दी गई। ऐसे में पंजाबी की त्वज्जों को खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पंजाबी का एग्जाम साल में दोनों बार होने वाले एग्जाम में हो और पंजाबी को लाजमी किया जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के अलावा जम्मू-कश्मीर, दिल्ली सहित कई राज्यों में पंजाबी बोली की महत्वत्ता पाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह सीबीएसई और केंद्रिय शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखेंगे, जिसमें पंजाबी को लाजमी करने के लिए आग्रह किया जाएगा।