फिरोजपुरः जिले के कस्बा ममदोट के गांव वालियां में नशेड़ी लोगों ने एक बुजुर्ग के साथ लूटपाट की। आरोपी बुजुर्ग दरबारा सिंह से नगदी, फोन और मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। जाते समय लुटेरों ने बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा। घटना में घायल व्यक्ति को पड़ोसियों द्वारा एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। परिवार का आरोप है कि पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही। बल्कि जांच के बाद कार्रवाई की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है।
मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित दरबारा सिंह ने बताया कि जब वह अपने खेतों से पशुओं के लिए चारा लेकर वापस घर आ रहा था तो कुछ नशेड़ी लोगों ने रास्ते में रोककर जबरदस्ती पैसे छीनने की कोशिश की। बुजुर्ग ने विनती की कि वह उसके पैसे ना छीनें। क्योंकि वह उन पैसों से राशन खरीदकर घर ले जाना चाहता है, लेकिन नशेड़ी लोगों को उस पर कोई तरस नहीं आया। नशेड़ी लुटेरे बुजुर्ग से नगदी और फोन छीनकर मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। किसी तरह बुजुर्ग अपने घर पहुंचे और पड़ोसियों की मदद से एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं इस घटना को लेकर मौजूदा सरपंच जगसीर सिंह और गांव वासियों का कहना है कि गांव में खुलेआम नशा बिक रहा है और आए दिन लूटपाट की वारदातें करते हैं, लेकिन पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहाकि गांव वालों का जीना मुश्किल हो गया है। शाम को कोई जल्दी बाहर इसलिए नहीं निकलता कि कब, किसके साथ, कब कोई लूटपाट हो जाए। उन्होंने कहा कि गांववासियों ने कुछ नशेड़ी लोगों को पकड़ भी लिया जो गांव में नशा लेने आए थे।
जब कैमरे के सामने उनसे पूछा गया तो उन्होंने माना कि वे नशा कर रहे थे और कैमरे के सामने हाथ जोड़ते भी नजर आए। अब यहां सवाल उठता है कि यदि गांव वाले नशेड़ी लोगों को पकड़ रहे हैं तो पुलिस उन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? अगर खुलेआम नशा भी बिक रहा है तो नशे के खिलाफ अभियान कैसे सफल होगा? ये बड़े सवाल खड़े होते हैं, लेकिन पुलिस इस मामले को हल करने की बजाय नशेड़ी लोगों को बचाने और मामले को रफा-दफा करने में लगी है ताकि उनकी असफलता सामने न आए।
