अमृतसरः पंजाब के डीजीपी ने आज अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि सीमावर्ती इलाकों में नशे और छोटे हथियारों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, बार्डर फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों की साझा बैठक हुई है। डीजीपी ने बताया कि अमृतसर पुलिस चुस्त-दुरुस्त तरीके से कार्य कर रही है और अब तक बड़ी हैरोइन की खेपें बरामद की जा चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से एक नई ऐप के लॉन्च होने की जानकारी दी। इस ऐप के ज़रिये लोग नशे या अपराधियों के बारे में कोई भी जानकारी गुप्त रूप से पुलिस के साथ साझा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि लोगों की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी ने बताया कि पाकिस्तान की आईएसआई लगातार पंजाब के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। हेरोइन के साथ-साथ छोटे हथियार भी ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हैं, जिनका उपयोग प्रदेश में अपराध के लिए किया जा रहा है। हालांकि एंटी-ड्रोन सिस्टम की मदद से काफी हद तक इन साजिशों को नाकाम किया गया है। डीजीपी ने कहा कि फिरौती वाली कॉलें सबसे ज़्यादा स्थानीय अपराधियों द्वारा की जा रही हैं।
इसलिए जब भी किसी को इस तरह की कॉल आए तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। उन्होंने अमृतसर पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीएसएफ के सहयोग से पुलिस लगातार अपराधियों की गतिविधियों पर नज़र रख रही है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि “पाकिस्तान चाहता है कि पंजाब के नौजवान ज्यादा से ज्यादा नशे में फँसें, लेकिन हम उनके इरादों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे,।” उन्होंने नौजवानों से अपील करते हुए डीजीपी ने कहा कि वे बाहर बैठे अपराधियों की बातों में न आएं और अपने भविष्य को अपराध के रास्ते पर बर्बाद न करें। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और हर हालात में सीमा पार से होने वाली साजिशों को नाकाम किया जाएगा।